नैनीताल। नैनीताल के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले नंदा देवी महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 16 सितंबर से शुरू होने वाले महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा, यातायात, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव नैनीताल की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। स्थानीय लोग मां नंदा देवी को अपनी आराध्य एवं कुलदेवी के रूप में पूजते हैं। महोत्सव के दौरान दूर-दराज में विवाहित बेटियां भी अपने मायके लौटकर पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेती हैं, जिससे यह आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
इस वर्ष महोत्सव की थीम स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के प्रोत्साहन पर आधारित होगी। प्रशासन का उद्देश्य मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करना है। आयोजन में रामसेवक सभा के साथ विद्युत विभाग, जल संस्थान, परिवहन विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
बैठक में मेले से संबंधित निविदा प्रक्रिया समय पर पूरी करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, यातायात संचालन सुचारु बनाने तथा बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को तय समय सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि नंदा देवी महोत्सव का स्वरूप हर वर्ष काफी वृहद होता है, इसलिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य करना होगा।
प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष नंदा देवी महोत्सव को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।







