नैनीताल। वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से प्रतिष्ठित राजभाषा गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न श्रेणियों में चयनित 13 लेखकों में डॉ. तिवारी उत्तराखंड से सम्मान पाने वाले एकमात्र लेखक हैं।
डॉ.तिवारी को यह पुरस्कार उनकी शोधपरक पुस्तक ‘अतीत से वर्तमान तक : नैनीताल का सफर और गॉथिक राजभवन के निर्माण की अद्भुत गाथा’ के लिए दिया जाएगा। पुरस्कार के रूप में उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। आगामी 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें सम्मानित करेंगे।
पुस्तक में नैनीताल के इतिहास और विकास के विभिन्न पहलुओं के साथ राजभवन के निर्माण, उसकी वास्तुकला तथा नगर के सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक को ऐतिहासिक तथ्यों और शोध सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को राजभाषा गौरव पुरस्कार के लिए चयनित होने पर फेसबुक और एक्स के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने कहा कि ज्ञान, इतिहास और विरासत को लेखन के माध्यम से संरक्षित करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
राज्यपाल ने कहा कि डॉ. तिवारी की पुस्तक में नैनीताल के ऐतिहासिक लोक भवन, उसकी विशिष्ट स्थापत्य शैली, विरासत और सांस्कृतिक महत्व को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा गया है। यह सम्मान उत्तराखंड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देशभर में नई पहचान दिलाने में सहायक होगा।
डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को हिंदी लेखन, पत्रकारिता और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में अमेरिका, हंगरी और मॉरीशस स्थित भारतीय दूतावासों के अलावा थाईलैंड और सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्थाओं तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों की ओर से भी सम्मान मिल चुका है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें से एक पुस्तक का विमोचन मॉरीशस के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में किया था।
डॉ. तिवारी के दो दर्जन से अधिक शोध पत्र तथा एक हजार से ज्यादा लेख प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें उत्तराखंड रत्न, राज्य सूचना आयोग का आरटीआई अवार्ड और अंतरराष्ट्रीय भारत सम्मान अचीवर्स अवार्ड समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. गिरीश रंजन तिवारी को राजभाषा गौरव पुरस्कार के लिए चयनित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि डॉ. तिवारी के उत्कृष्ट लेखन, शोधपरक दृष्टिकोण और पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तिवारी को मिला यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ ही पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। पुस्तक में नैनीताल के ऐतिहासिक विकास, सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश और महत्वपूर्ण धरोहरों को शोधपरक एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कृति उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और स्थापत्य विरासत को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाएगी तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली अतीत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







