नैनीताल। बलियानाला के संवेदनशील कृष्णापुर क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच भूधंसाव और भूस्खलन की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। सोमवार रात कृष्णापुर के तप्पड़ क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा धंसने और कटाव होने से वहां बने टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गए। इन टीन शेड में बलियानाला क्षेत्र में उपचार कार्य में लगे मजदूर रह रहे थे। भूस्खलन के खतरे को भांपते हुए मजदूरों ने समय रहते आवास खाली कर दिए, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।
स्थानीय जानकारी के अनुसार तप्पड़ क्षेत्र में बारिश के बाद भूमि में धंसाव बढ़ा है। कृष्णापुर मार्ग के आसपास भी कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने की बात सामने आई है। क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। वहीं, कुछ हिस्सों में भू-कटाव बढ़ने से आसपास स्थित भवनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। इससे पहले तीन मूर्ति कृष्णापुर क्षेत्र में भू-कटाव के चलते दो घरों पर खतरा मंडराने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
●करोड़ों रुपये से चल रहा बलियानाला उपचार कार्य…
बलियानाला नैनीताल की तलहटी का अत्यंत संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्र रहा है। क्षेत्र में भूस्खलन रोकने के लिए उपचार कार्य चल रहा है। सरकारी दस्तावेज में बलियानाला उपचार के तहत न्यू ड्रेन, एंकर, पाइप एवं जियोटेक्सटाइल से संबंधित कार्य किए जाने का उल्लेख है।
हालांकि, कृष्णापुर के तप्पड़ क्षेत्र में भूधंसाव की ताजा घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि उपचार कार्य से बाहर या अन्य संवेदनशील हिस्सों की निगरानी और सुरक्षा के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर वर्ष 2026-27 के लिए जिला आपदा प्रबंधन योजना भी उपलब्ध है।
●बारिश के साथ बढ़ रहा खतरा..
हाल के दिनों में कृष्णापुर-कैलाखान क्षेत्र में भारी बारिश के बाद भू-कटाव, भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। कैलाखान पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने की घटना के बाद कृष्णापुर के लोगों के दहशत में घरों से बाहर निकलने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन संवेदनशील स्थानों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर भूधंसाव की स्थिति का आकलन करे और खतरे वाले स्थानों पर सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम सुनिश्चित करे।





