चंपावत। बाराकोट-सिमलखेत मोटर मार्ग पर कामाजूला के पास शनिवार शाम एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में वाहन सवार रैगांव निवासी जीत सिंह अधिकारी (56) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक नारायण सिंह अधिकारी (37) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायल को समय पर 108 एंबुलेंस नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। पूर्व ग्राम प्रधान धन सिंह अधिकारी घायल को करीब 25 किलोमीटर तक अपने निजी वाहन से लोहाघाट लेकर पहुंचे। काकड़ के पास पंचेश्वर की 108 एंबुलेंस मिलने के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाया जा सका।
शनिवार शाम बाराकोट से कामाजूला की ओर जा रही पिकअप संख्या यूए-03-4351 कामाजूला इंटर कॉलेज सड़क के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को खाई से बाहर निकाला। तब तक जीत सिंह अधिकारी की मौत हो चुकी थी।
गंभीर रूप से घायल वाहन चालक नारायण सिंह अधिकारी को पूर्व ग्राम प्रधान धन सिंह अधिकारी अपने निजी वाहन से लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय लेकर निकले। करीब 25 किलोमीटर बाद काकड़ के पास 108 एंबुलेंस मिली, जिसके बाद घायल को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक डा. विराज राठी के नेतृत्व में घायल का उपचार किया गया। डा. राठी ने बताया कि घायल के सिर और छाती में गंभीर चोटें हैं। बेहतर उपचार और सिटी स्कैन के लिए उसे चंपावत जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।
हादसे की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। लोहाघाट थानाध्यक्ष ओमप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। राजस्व निरीक्षक कमल उपाध्याय और राजस्व उपनिरीक्षक ऋषभ कुमार ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल का हाल जाना। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है।
समय पर नहीं मिली 108, ग्रामीणों में आक्रोश
पूर्व ग्राम प्रधान धन सिंह अधिकारी ने बताया कि हादसे के बाद 108 एंबुलेंस के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। बाद में बाराकोट की 108 एंबुलेंस के खराब होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह घायल को अपने निजी वाहन से अस्पताल लेकर चले। करीब 25 किलोमीटर बाद काकड़ के पास पंचेश्वर की 108 एंबुलेंस मिली। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में समय पर एंबुलेंस नहीं मिलना गंभीर मामला है। वाहन की व्यवस्था नहीं होती तो घायल को एंबुलेंस के इंतजार में और समय गंवाना पड़ सकता था। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र की 108 एंबुलेंस व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
पूर्व में भी सामने आई थी खराब एंबुलेंस की समस्या
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में पूर्व में हुई दुर्घटना के दौरान भी लोहाघाट की 108 एंबुलेंस के खराब होने का मामला सामने आया था। इसके बावजूद आपातकालीन सेवा व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है।







