नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के शोधार्थी हेम चंद्र धौलाखंडी की पीएचडी की अंतिम मौखिक परीक्षा (वाइवा वोस) गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने “Scientometric Analysis of Research Productivity on Information Literacy: A Global Perspective” विषय पर शोध कार्य किया है। शोध कार्य विभागाध्यक्ष एवं शोध निदेशक प्रो. डॉ. युगल जोशी के निर्देशन में पूरा किया गया।
वाइवा वोस में दिल्ली विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की प्रोफेसर मीरा कुमारी ने बाह्य परीक्षक के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल बिष्ट ने शोधार्थी को बधाई देते हुए कहा कि डिजिटल युग में सूचना साक्षरता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे शोध से समाज में सूचना के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
●1998 से 2024 तक के शोध का किया विश्लेषण..
शोध में Web of Science डेटाबेस के आधार पर वर्ष 1998 से 2024 तक सूचना साक्षरता से संबंधित वैश्विक शोध का साइंटोमेट्रिक विश्लेषण किया गया। इसमें शोध प्रकाशनों में वृद्धि, लेखकीय प्रवृत्तियों, शोध सहयोग, उद्धरण प्रभाव, विभिन्न देशों के योगदान और उभरते शोध विषयों का अध्ययन किया गया।
अध्ययन में सामने आया कि सूचना साक्षरता के क्षेत्र में वैश्विक शोध गतिविधियों में लगातार वृद्धि हुई है। भारत समेत विभिन्न देशों ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। शोध के अनुसार सूचना साक्षरता अब केवल पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान तक सीमित विषय नहीं रह गई है, बल्कि शिक्षा, शोध, डिजिटल सूचना परिवेश और सामाजिक विकास से भी इसका सीधा संबंध है।
●भ्रामक सूचनाओं से बचने में मिलेगी मदद..
शोध में डिजिटल युग में सूचना साक्षरता के सामाजिक प्रभाव को भी रेखांकित किया गया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी मात्रा में सूचनाएं उपलब्ध होने के कारण सही और विश्वसनीय सूचना की पहचान, मूल्यांकन और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग आवश्यक हो गया है। सूचना साक्षरता विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को विश्वसनीय सूचनाओं की पहचान करने तथा भ्रामक सूचनाओं से बचने में सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
शोध के निष्कर्ष भविष्य में पुस्तकालयों, शैक्षणिक संस्थानों, शोध संगठनों और नीति-निर्माताओं के लिए सूचना साक्षरता कार्यक्रमों और प्रशिक्षण की दिशा तय करने में उपयोगी आधार प्रदान कर सकते हैं।
वर्तमान में हेम चंद्र धौलाखंडी बिरला संस्थान, भीमताल में असिस्टेंट लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं। वाइवा वोस सफलतापूर्वक संपन्न होने पर विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों और अन्य सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।







