सीएमओ ने चार स्वास्थ्य केंद्रों का किया औचक निरीक्षण… लेबर रूम, दवा वितरण और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं परखीं… रिपोर्ट- (सुनील भारती) ‘स्टार खबर’ नैनीताल..

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नैनीताल। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और अस्पतालों में उपलब्ध व्यवस्थाओं को परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रश्मि पंत ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालाढूंगी सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलपड़ाव, पीरुमदारा और कानिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लेबर रूम, वार्ड, फार्मेसी, अभिलेखों, साफ-सफाई और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशीलता एवं सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने लेबर रूम का रजिस्टर अलग से व्यवस्थित रखने और रेफरल रजिस्टर को नियमित रूप से अद्यतन करने को कहा। उन्होंने परिवार कल्याण संबंधी सामग्री को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के साथ उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर स्थिति में रेफर किए जाने वाले मरीजों को 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया जाए। अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए खुशियों की सवारी सेवा का भी उपयोग किया जाए।
डॉ. पंत ने बायोमेडिकल वेस्ट का नियमानुसार निस्तारण करने, कोल्ड चेन को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने और ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं के स्टॉक व वितरण का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य केंद्रों में व्हाइटवॉश कराने, निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उनकी नियमित निगरानी करने को कहा, ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण में स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
सीएमओ ने आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को क्षेत्र भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं तथा उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव, प्रसव के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने ईजा-बोई योजना और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।उन्होंने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव पर 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र में प्रसव पर 1,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त, विभागीय जानकारी के अनुसार इस वर्ष अनुमोदित व्यवस्था के तहत प्रसव के बाद महिला के 48 घंटे अस्पताल में रुकने पर तीमारदार को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दो दिन के लिए कुल 600 रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने संबंधित कर्मियों को पात्र लाभार्थियों तक इस व्यवस्था की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए।

●समस्याओं का प्राथमिकता से करें समाधान..

डॉ. पंत ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उपचार एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए और प्रत्येक मरीज के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने केंद्रों में दवा उपलब्धता, साफ-सफाई, अभिलेखों और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करते रहें, ताकि आमजन को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।