नैनीताल- नैनीताल से हाई कोर्ट की शिफ्टिंग पर फिलहाल ब्रेक लग गया है..बेल बाबा की वनभूमि इस पर रोड़ा बन गयी है। केंद्र सरकार के रीजनल इम्पैक्ट कमेटी ने हाई कोर्ट के शिफ्टिंग के प्रपोजल को खारिज कर दिया है और कहा है कि वन भूमि में हाई कोर्ट के लिए आवास और ऑफिस नहीं बन सकती हैं। हालांकि सुझाव भी दिया है कि हाई कोर्ट की शिफ्टिंग के लिए कहीं नॉन फ़ॉरेस्ट जमीन खोज सकते हैं। केंद्र द्वारा राज्य के प्रस्ताव को निरस्त करने के बाद हाई कोर्ट शिफ्टिंग को लेकर 12 अगस्त के जो आदेश डीएम का था वो खत्म हो गया है तो वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य कैबिनेट के प्रस्ताव भी गिर गया है। हालांकि अब ना बेल बाबा ना ही गौलापार में हाई कोर्ट शिफ्ट होगा बल्कि नैनीताल में ही हाई कोर्ट रहेगा। आपको बतादें की 12 अगस्त को नैनीताल डीएम ने हाई कोर्ट को पत्र लिखा जिसमें कहा गया कि वन भूमि यानि फ़ॉरेस्ट की जमीन पर बेलबाबा में हाई कोर्ट शिफ्ट किया जा सकता है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदष में कहा कि जैसे है जहां है जमीन को दे सकते हैं। इस आदेश के बाद राज्य कैबिनेट ने निर्णय लिया कि बेलबाबा में 40 हैक्टेयर जमीन को हाई कोर्ट निर्माण के लिए दे देंगे। हालांकि इसको चुनौती भी मिली लेकिन उसके बाद अब जाकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बेलबाब फ़ॉरेस्ट की जमीन है लिहाजा इस पर निर्माण नहीं हो सकता है।







