चारधाम यात्रा…..चारधाम यात्रा में फैली अव्यवस्थाओं पर हाई कोर्ट सख्त…केंद्र राज्य समेत कई डीएम को नोटिस जारी…चीफ जस्टिस कोर्ट की टिप्पणी ने खोली स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह के बयानों की पोल…

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नैनीताल – चारधाम यात्रा में फैली अव्यवस्थाओं और लगातार हो रही घोड़ों की मौत पर हाई कोर्ट सख्त है। हाई कोर्ट ने 600 से अधिक घोड़ों की मौत पर कोर्ट ने केंद्र राज्य समेत चारधाम यात्रा के जिलों के डीएम को नोटिस जारी किये हैं और 22 जून तक जवाब मांगा है,, कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने सरकार से पूछा है कि क्या व्यवस्थाएं की गई हैं क्यों ना चारधाम यात्रा में एक कमेटी का गठन कर दिया जाए। कोर्ट ने राज्य में डॉक्टरों की कमीं पर टिप्पणी की है कहा कि नेशनल मानक के अनुसार ना तो जानवरों के डॉक्टर है ना ही इंसानों के।

क्यों आना पड़ा गौरी मौलेखी को कोर्ट

आपको बतादें कि समाजसेवी गौरी मौलेखी ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि चारधाम यात्रा में अब तक 600 घोड़ों की मौत हो गयी जिससे उस इलाके में बीमारी फैलने का खतरा बन गया है,याचिका में कहा गया है कि जानवरों और इंसानों की सुरक्षा के साथ उनको चिकित्सा सुविधा दी जाए। एसके साथ याचिका में कहा है कि चारधाम यात्रा में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है जिससे जानवरों और इंसानों को दिक्कतें खाने रहने की आ रही है कोर्ट से मांग की गई है कि यात्रा में कैरिंग कैपेसिटी के हिसाब से भेजा जाए उतने ही लोगों को अनुमति दी जाए जितने लोगों को खाने पीने रहने की सुविधा मिल सके। याचिकाकर्ता गौरी मौलेखी ने कहा कि राज्य सरकार की इस अव्यवस्था पर उन्हौने केंद्र राज्य को पत्र लिखे लेकिन राज्य सरकार ने कोई निर्णय नही लिया आने जाने की दिक्कतें हो रही है खाने पीने की भी प्रॉब्लम श्रद्धालुओं को होने से लोग परेशान हैं। गौरी ने कहा कि सरकार को नोटिस के साथ कोर्ट ने कई बातें पूछी भी हैं जिन ओर 22 को सुनवाई होगी। गौरी मौलेखी ने कहा कि कई सालों से घोडा खच्चरों का प्रयोग यात्रा में हो रहा है लेकिन कोई नीति नहीं बनी है सरकार से मांग है कि एक नीति तैयार करें। याचिकाकर्ता ने कहा कि घोड़ों को बिना मेडिकल के यात्रा में लगाया गया है और बीमार घोड़ों को भी यात्रा में जबरन कई चक्कर लगवाए जा रहे हैं अगर इनकी मौत हो रही है तो उनको पवित्र नदियों के डाला जा रहा है जिससे प्रदूषण फैलाने का खतरा भी है। गौरी मौलेखी ने कहा कि अराजकता जो फैली है उसको कंट्रोल में लाने के लिए उनको कोर्ट आना पड़ा जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी किए हैं।