अपराध…बीबी के कर दिये 72 टूकड़े………….अब 12 साल बाद हाईकोर्ट से मिली राहत………45 दिन खुली हवा में सांस लेगा हत्या पति

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नैनीताल – देहरादून के चर्चित अनुपमा गुलाटी हत्याकांड के मामले में आजीवन की सजा काट रहे राजेश गुलाटी को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। दोषी राजेश गुलाटी को 12 साल बाद हाईकोर्ट से इलाज के लिये 45 दिनों की शाँर्ट टर्म बेल मिली है। राजेश गुलाटी ने कोर्ट से इलाज के लिये शाँर्ट टर्म जमानत मांगी थी। आपको बता दें कि राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की निर्मम हत्या 17 अक्टूबर 2010 को की थी और शव को छुपाने के लिए उसने शव के 72 टुकड़े कर फ्रिज में डाल दिया था । 12 दिसम्बर 2010 को अनुपमा का भाई दिल्ली से देहरादून आया तो हत्या का खुलासा हुआ। देहरादून कोर्ट ने राजेश गुलाटी को 1 सितम्बर 2017 को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई और 15 लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया जिसमे से 70 हजार राजकीय कोष में जमा करने व शेष राशि उसके बच्चो के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में माना। राजेश गुलाटी पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और 1999 में लव मैरिज करके शादी की थी। राजेश गुलाटी ने इस आदेश को हाइकोर्ट में चुनौती दी है और जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था वहीं अपील पर सुनवाई आगे होगी।

हाईकोर्ट अपील पर भी कर रहा है सुनवाई…

दरअसल राजेश गुलाटी ने अपनी सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है तो रेगुलर बेल के लिये भी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। हांलाकि हाईकोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने उसके जमानत प्रार्थनापत्र को यह कहकर निरस्त कर दिया कि यह अपने आप मे एक जघन्य अपराध है। सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से कहा गया कि गुलाटी एक सॉफ्टवियर इंजीनियर है पिछले 11 साल से जेल में है । जेल में उनका आचरण बहुत अच्छा पाया गया है उनको जेल से अच्छे आचरण का सर्टिफिकेट भी दिया गया है। इस आचरण के आधार पर उसे जमानत दी जाय। इसका विरोध करते हुए सरकार की तरफ से कहा गया कि इनके खिलाफ निचली अदालत में 42 गवाह पेश हुए थे । सभी ने इस हत्या को निर्मम हत्या बताया, जो आरोप लगाए गए थे, वे सही पाए गए। हालांकि पिछले दिनों इस मामले में मेडिकल ग्राउंड पर शॉट टर्म बेल कोर्ट से मांगी थी जिस पर सरकार ने कहा कि नजदीक अस्पताल में राजेश गुलाटी को इलाज की सुविधा दी जा रही है लिहाजा शॉट टर्म बेल की जरूरत नहीं है।