कमजोरी नहीं, हौसला बना ताकत: श्रीवारी ने लिखी सफलता की नई कहानी रिपोर्ट- ( सुनील भारती) “स्टार खबर ” नैनीताल

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नैनीताल। कठिन परिस्थितियों में इंसान की असली ताकत तब सामने आती है, जब वह हार मानने के बजाय संघर्ष को अपनाता है। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है श्रीवारी साह ने, जिन्होंने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद हाईस्कूल परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।साल 2008 में जन्मे श्रीवारी बचपन से ही एक जटिल न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे हैं। उन्हें देखने में आंशिक दिक्कत के साथ-साथ मस्तिष्क द्वारा दृश्य जानकारी को समझने में भी परेशानी होती है। इसके अलावा समय-समय पर उन्हें बेहोशी के दौरे भी आते हैं। करीब 75 प्रतिशत दृष्टिबाधिता जैसी स्थिति के बावजूद उन्होंने पढ़ाई के प्रति अपनी लगन को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में श्रीवारी ने लेखक (राइटर) की सहायता से परीक्षा दी और नैनीताल स्थित लॉन्ग व्यू पब्लिक स्कूल से 62.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम हासिल किया।इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का सहयोग और विश्वास भी अहम रहा। उनकी मां श्वेता साह और पिता अधिवक्ता नीरज साह ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।श्रीवारी की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि विद्यालय और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने उनकी इस सफलता को प्रेरणादायक बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।