नैनीताल। सोसायटी फॉर उत्तराखंड डेवलपमेंट एंड हिमालयन एक्शन के सहयोग से विकासखंड बेतालघाट में ग्रामीणों को मधुमक्खी पालन के प्रति जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। आजीविका संवर्धन के तहत जलवायु अनुकूलन और सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कृषकों और महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को मौन (मधुमक्खी) पालन गतिविधियों से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के दौरान 50 कृषकों को मधुमक्खियों सहित मौन बक्सों का वितरण किया गया तथा उन्हें मौन पालन का तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। सुधा संस्था के कार्यक्रम प्रबंधक बची सिंह बिष्ट ने कृषकों को मधुमक्खी पालन से संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में संस्था द्वारा बेतालघाट के लोहाली, उलगोर, छड़ा खैरना, बजेड़ी और जाख सहित 10 ग्राम पंचायतों को इस योजना से जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में फल और सब्जी उत्पादन प्रमुख आजीविका का स्रोत है, ऐसे में मधुमक्खी पालन से परागण की प्रक्रिया में वृद्धि होगी, जिससे उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही किसानों को शहद उत्पादन से अतिरिक्त आय का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता रहेगा।
ग्राम प्रधान निर्मला बिष्ट ने इस पहल की सराहना करते हुए कृषकों को मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित किया और संस्था का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर त्रिभुवन सिंह, दीप चन्द्र कांडपाल, मनोज सिंह, मंजू अधिकारी, हेमा बिष्ट, शोभा बिष्ट, ऊमा बिष्ट, निर्मला महरा, दीपा बिष्ट, जानकी बिष्ट, बीना बिष्ट, बसंती भट्ट, गीता भट्ट सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।






