आपदा के दो साल बाद भी बोना गांव असुरक्षित, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी.. मकानों में दरारें, लोग टेंट में रहने को मजबूर; मुआवजा और विस्थापन नहीं होने से बढ़ा आक्रोश.. रिपोर्ट- (सुनील भारती), “स्टार खबर” नैनीताल..

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पिथौरागढ़। मुनस्यारी क्षेत्र के बोना गांव में आपदा के दो वर्ष बीत जाने के बावजूद भी सुरक्षात्मक कार्य न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गांव पहुंचने पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एवं यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम दानू का ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और हर संभव समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि आपदा के बाद से अब तक नदी किनारे कोई सुरक्षात्मक कार्य नहीं किया गया है, जिससे पूरा गांव खतरे की जद में बना हुआ है। लगातार हो रहे भू-धंसाव के कारण कई मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं और हालात दिन-प्रतिदिन गंभीर होते जा रहे हैं।

वहीं, गांव की विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। जगह-जगह बिजली के खंभे टेढ़े और जर्जर हालत में हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खराब ट्रांसफार्मर को भी अब तक नहीं बदला गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस दौरान विक्रम दानू ने प्रशासन से जल्द से जल्द नदी किनारे सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने, आपदा प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और उनका विस्थापन सुनिश्चित करने के साथ ही विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर तहसील मुख्यालय मुनस्यारी और जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मौके पर ग्राम प्रधान रिंगू नीमा देवी, पूर्व यूथ कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा, किशोर, हरीश सिंह, कुंदन सिंह, संदीप कुमार, प्रहलाद सिंह, कम्मू रावत, गणेश रावत समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।