नैनीताल। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश, घना कोहरा और बढ़ती ठंड का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम में आए बदलाव के कारण सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। विशेष रूप से अस्थमा और सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) से पीड़ित बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चिकित्सकों ने ऐसे मरीजों को मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल बी.डी. पांडे के चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 50 से 70 मरीज सांस संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
बारिश के चलते सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या कुछ कम है, लेकिन गंभीर श्वसन रोगों से पीड़ित मरीज नियमित रूप से अस्पताल आ रहे हैं।उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा बच्चे और अन्य आयु वर्ग के लोग भी खांसी, सांस फूलने और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि अस्थमा, सीओपीडी और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित मरीज धूम्रपान, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करें। चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाइयों और इनहेलर का नियमित उपयोग करें तथा बिना सलाह के दवा बंद न करें।
उन्होंने बरसात के मौसम में संक्रमण से बचाव के लिए भोजन अच्छी तरह पकाकर खाने, फल एवं सब्जियों को साफ पानी से धोकर उपयोग करने तथा घर और कपड़ों में नमी जमा न होने देने की सलाह दी। उनका कहना है कि इससे फेफड़ों के संक्रमण और अन्य श्वसन रोगों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि यदि लगातार खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न या सांस लेने में तकलीफ महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। उनका कहना है कि मौसम में थोड़ी सी सावधानी गंभीर बीमारी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।







