नैनीताल, 29 मई। श्री अरबिंदो के अवशेष स्थापना दिवस के वार्षिक समारोह के अंतर्गत श्री अरबिंदो आश्रम, वन निवास में अंतर-विद्यालय भक्ति गायन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी संगीत प्रतिभा और भक्ति भाव का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में सेंट जॉन स्कूल, नरेंद्र अजय साह जगाती सरस्वती विद्या मंदिर, राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ, चेतराम साह ठुलघरिया इंटर कॉलेज, भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय तथा लोग व्यू पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम को जूनियर एकल गायन, सीनियर एकल गायन, जूनियर समूह गायन एवं सीनियर समूह गायन जैसी चार श्रेणियों में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं स्वागत भाषण के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने विभिन्न भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी गायन क्षमता का परिचय दिया, बल्कि भक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति भी की।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रख्यात संगीतकार लोकेश जोशी और हिमांशु जोशी ने किया। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, समर्पण और संगीत कौशल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रतियोगिता के परिणाम
सीनियर समूह गायन
प्रथम स्थान – भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय
द्वितीय स्थान – लोग व्यू पब्लिक स्कूल
जूनियर समूह गायन
प्रथम स्थान – सेंट जॉन स्कूल
द्वितीय स्थान – भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय
तृतीय स्थान – लोग व्यू पब्लिक स्कूल
जूनियर एकल गायन
प्रथम स्थान – लोग व्यू पब्लिक स्कूल
द्वितीय स्थान – सेंट जॉन स्कूल
तृतीय स्थान – भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय
सीनियर एकल गायन
प्रथम स्थान – भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर क्रांतिकारी सभासद मनोज साह जगाती भी उपस्थित रहे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि संगीत आत्म-अभिव्यक्ति, व्यक्तित्व विकास और आध्यात्मिक उन्नयन का प्रभावी माध्यम है तथा विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभाओं को निरंतर निखारते रहना चाहिए।
आयोजकों ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों, शिक्षकों, निर्णायकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और भक्ति संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समापन हर्ष, उत्साह और कृतज्ञता के वातावरण में हुआ। भक्ति संगीत से सराबोर इस आयोजन ने विद्यार्थियों और उपस्थित जनों के मन में अविस्मरणीय स्मृतियां छोड़ दीं।





