★. उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, पांच जिलों में ऑरेंज और छह में येलो चेतावनी जारी
★. मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड में, जिलों को सतर्कता और पूर्व तैयारी के आदेश
“चन्दन सिंह बिष्ट” (स्टार खबर)
देहरादून।
मौसम विभाग द्वारा 23 जनवरी को उत्तराखंड के कई जनपदों में बारिश एवं बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। जारी अलर्ट के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा एवं नैनीताल जनपदों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बुधवार को सभी संबंधित जनपदों के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संभावित बारिश, बर्फबारी, पाला एवं शीतलहर से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के मद्देनजर जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों को निर्देशित किया कि मौसम खराब रहने की संभावना के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरती जाए तथा सभी कार्यदायी एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखा जाए। विशेष रूप से पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, पशुपालन एवं नगर निकाय विभागों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि संवेदनशील, दूरस्थ एवं उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए सचिव ने संवेदनशील एवं उच्च हिमालयी मार्गों पर जेसीबी, स्नो कटर एवं अन्य आवश्यक मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
फिसलन और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए पाला प्रभावित क्षेत्रों में नमक एवं चूने के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संवेदनशील सड़कों, पुलों एवं पैदल मार्गों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर यातायात को नियंत्रित या अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने के निर्देश भी दिए गए।
ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए सचिव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों एवं अधिक ठंड प्रभावित इलाकों में रैन बसेरों में बिजली, पेयजल, पर्याप्त बिस्तर, हीटर एवं पानी गर्म करने की रॉड जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष जोर देते हुए सचिव ने निर्देश दिए कि पशुओं को ठंड, बर्फबारी एवं पाले से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं। पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय, चारा एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके साथ ही जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को समय पर कंबल वितरण सुनिश्चित करने तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी जाए तथा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रखे जाएं। बैठक में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी सहित यूएसडीएमए के विशेषज्ञ एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







