नैनीताल 146 साल पुराना ‘ग्लेनमोर’ धधका, ब्रिटिशकालीन विरासत राख में तब्दील.. रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर ” नैनीताल..

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नैनीताल। शहर की ऐतिहासिक पहचान रहे ब्रिटिशकालीन भवनों में शामिल आल्मा लॉज के समीप स्थित ‘ग्लेनमोर’ भवन रविवार दोपहर भीषण आग की चपेट में आकर खाक हो गया। वर्ष 1880 में निर्मित यह लगभग 146 वर्ष पुराना भवन देखते ही देखते आग की लपटों में समा गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग दोपहर करीब डेढ़ बजे लगी। लकड़ी से निर्मित भवन होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के दौरान घर में रखे गैस सिलेंडरों के फटने से स्थिति और भयावह हो गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

भवन के एक हिस्से में कलक्ट्रेट से सेवानिवृत्त ललित मोहन तिवारी अपने परिवार के साथ रहते थे। तिवारी रविवार को ही बाहर से नैनीताल लौटे थे। गनीमत रही कि उनका परिवार सुरक्षित है, लेकिन घर में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। भवन के दूसरे हिस्से में एरीज से सेवानिवृत्त अनिल जोशी रहा करते थे, हालांकि वर्तमान में वे यहां नहीं थे।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि लकड़ी की संरचना होने के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। देर शाम तक भवन का अधिकांश हिस्सा जल चुका था।
बताया जाता है कि यह भवन मूलतः स्वर्गीय देवीदत्त जोशी के पुत्रों के नाम पर दर्ज था और नगर की पुरानी धरोहरों में गिना जाता था। सात नंबर क्षेत्र को जाने वाले मार्ग पर बोरा प्वाइंट के पास स्थित यह इमारत अब इतिहास का हिस्सा बनती नजर आ रही है।
इस घटना ने एक बार फिर शहर की पुरानी लकड़ी की इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।