सरोवर नगरी नैनीताल में स्पांसरशिप के नाम पर चल रहा है चंदा एकत्र करने का धंधा..भीमताल स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने कॉलेज फंक्शन की बात तो स्वीकारी पर कहा कि उन्होंने ऐसे कोई टीम नही भेजी…

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सरोवर नगरी में स्पांसरशिप के नाम पर चल रहा है चंदा एकत्र करने का धंधा..भीमताल स्थित यूनिवर्सिटी ने 10 जून को होने वाले कार्यक्रम की बात तो स्वीकारी पर कहा कि ऐसे कोई छात्र-छात्राएं उन्होंने नही भेजे हैं…

पिछले कुछ दिनों से सरोवर नगरी नैनीताल में कुछ लोग जो कि 8 से 10 की संख्या में रहे होंगे..वो बाजारों में घूम कर भीमताल स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एक स्टार नाईट फंक्शन के लिए एक-एक व्यापारिक प्रतिष्ठान में जाकर चंदा माँग रहे थे।ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ कि उन्हें तीन बार मना करने के बाद भी वो अपनी चंदा प्लानिंग समझाते रहे।जिससे एक संस्थान के मैनेजर खिन्न हो गए।क्योंकि मैं भी मौके पर उपस्थित था तो मैंने उन महिलाओं व बेटियों से एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम विशेष के लिए चंदा माँगना असंवैधानिक बताया।जिस पर उन्होंने कहा कि हम चंदा नही माँग रहे,हम तो स्पांसरशिप दे रहे हैं।लेकिन इस वाद-विवाद में दो नौजवान छात्र व्यापारी से अनावश्यक बदतमीजी करने लगे।जिस पर मेरे द्वारा उनसे तुरंत वहाँ से चले जाने को कहा गया।जिससे वो तथाकथित छात्र जो कि अपने आप को माइंड पावर यूनिवर्सिटी भीमताल का छात्र बता रहे थे।भड़क गए और बदतमीजी पर उतारू हो गए..लेकिन उनके साथ रही छात्राओं ने उस आक्रोशित छात्र की ओर से माफी माँगी पर वो दोनों छात्र देख लेने की धमकी देकर चले गए।

यह स्पांसरशिप का तरीका गलत है.. स्थानीय लोग ऐसे किसी स्पांसरशिप के झाँसे में न आये..ललित मोहन रयाल जिलाधिकारी नैनीताल..

जब स्टार ख़बर ने उन चंदा खोरों के संदर्भ में माइंड पावर यूनिवर्सिटी भीमताल के चेयरपर्सन डॉक्टर योगेश कुमार से बात की और बताया कि आपकी वेबसाइट पर तो देश की नामी गिरामी कंपनियां दर्ज है जिसमे टाटा,आई.बी.एम सरीखी कई कम्पनीयां दर्शाई गई हैं फिर एक कार्यक्रम के लिए बाजारों से चंदा क्यों लिया जा रहा है..? तो उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी सेल्फ फंडेड है।अगर कोई भी छात्र-छात्राएं इस प्रकार उनके नाम पर वसूली कर रहे है तो वो बिल्कुल गलत है।लेकिन उन्होंने कुमाउँनी सिंगर इंदर आर्या के 10 जून को होने वाले कॉलेज फंक्शन की बात स्वीकारी। इस संबंध में जब जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल से स्टार ख़बर ने बात की तो उन्होंने बाजारों में घूम कर ऐसी स्पांसरशिप पर सवाल खड़े किए।और कहा कि जब संस्था में देश की कई बड़ी कम्पनियाँ इम्पैनल्ड है तो फिर स्थानीय लोग ऐसे किसी स्पांसरशिप के झाँसे में न आये।