राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर महालनोबिस के योगदान को किया याद… महाराणा प्रताप राजकीय डिग्री कॉलेज, नानकमत्ता में आयोजित हुआ कार्यक्रम.. रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। महाराणा प्रताप राजकीय डिग्री कॉलेज, नानकमत्ता में सोमवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ललित तिवारी ने भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के योगदान पर प्रकाश डालते हुए सांख्यिकी के महत्व को रेखांकित किया।प्रो. तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस प्रतिवर्ष प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक नियोजन एवं नीति-निर्माण में सांख्यिकी की भूमिका के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने वर्ष 2007 से इस दिवस को मनाने की शुरुआत की थी। वर्ष 2026 की थीम “प्रशासनिक डेटा की क्षमता को उजागर करना” निर्धारित की गई है।उन्होंने कहा कि प्रो. महालनोबिस ने भारत के प्रथम योजना आयोग के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना कर देश में सांख्यिकी के विकास की मजबूत नींव रखी। आज के दौर में सांख्यिकी विकास, शोध और प्रभावी नीति निर्माण का आधार बन चुकी है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने कहा कि सांख्यिकी का उद्गम गणित से हुआ है, लेकिन आज यह समाज, प्रशासन और देश के विकास प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों के लिए सांख्यिकी दिशा दिखाने वाला एक प्रभावी उपकरण है।इस अवसर पर डॉ. ममता, डॉ. आशा गड़िया सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं बीएससी षष्ठम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सांख्यिकी के व्यावहारिक महत्व और उसके विविध उपयोगों की भी जानकारी दी गई।