नैनीताल। नगर के बास्केटबॉल कोर्ट में प्रस्तावित दांडिया महोत्सव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने खेल परिसर में आयोजन को लेकर नाराजगी जताते हुए टर्फ की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। वहीं, आयोजन करा रहे लेक सिटी वेलफेयर क्लब ने कहा है कि आयोजन स्थल की सुरक्षा, साफ-सफाई और किसी भी तरह की टूट-फूट की जिम्मेदारी क्लब के सदस्य स्वयं उठाएंगे।पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने कहा कि बास्केटबॉल कोर्ट में बिछाई गई मैटिंग काफी महंगी है और इसे सरकारी धन से तैयार किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से भी इसके लिए सहयोग मिला है। ऐसे में खेल गतिविधियों के लिए तैयार किए गए टर्फ पर दांडिया जैसे आयोजन से उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी यहां दांडिया आयोजन होते रहे हैं और कई बार आयोजन के बाद टर्फ को नुकसान पहुंचने तथा उसे दोबारा बिछाने की स्थिति सामने आई है।
उन्होंने बताया कि आयोजन से जुड़े लोग अनुमति के लिए उनके पास आए थे। पालिका की ओर से उन्हें स्पष्ट किया गया था कि बास्केटबॉल कोर्ट का टर्फ दांडिया आयोजन के लिए उपयुक्त नहीं है। उनके अनुसार नगर पालिका ने आयोजन की अनुमति नहीं दी है। यदि किसी अन्य स्तर से आयोजन की अनुमति दी गई है और टर्फ को नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी अनुमति देने वाले संबंधित लोगों की होगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पालिका स्तर से कार्रवाई भी की जाएगी।
●17 वर्षों से हो रहा आयोजन..
इधर, लेक सिटी वेलफेयर क्लब की सचिव प्रगति जैन और डीएसए महासचिव मनोज जोशी ने आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट की। आयोजकों के अनुसार नैनीताल में दांडिया महोत्सव पिछले 17 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है और शहरवासियों में इसका खासा क्रेज है। उन्होंने आयोजन के लिए बास्केटबॉल ग्राउंड उपलब्ध कराने पर डीएसए महासचिव मनोज जोशी का आभार जताया।
आयोजकों ने कहा कि आयोजन को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। क्लब के सभी सदस्य आयोजन स्थल की सुरक्षा, साफ-सफाई और किसी भी तरह की टूट-फूट का पूरा ध्यान रखेंगे। दांडिया महोत्सव के लिए महिलाओं का रजिस्ट्रेशन भी जारी है और बड़ी संख्या में प्रतिभागी इसमें शामिल हो रहे हैं।
●अनुमति और जिम्मेदारी पर अब सवाल..
बास्केटबॉल कोर्ट में आयोजन को लेकर सामने आए दोनों पक्षों के बयानों के बाद अब मुख्य सवाल आयोजन की अनुमति और खेल परिसर के उपयोग को लेकर उठ रहा है। एक ओर पालिका टर्फ की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी तय करने की बात कह रही है, वहीं आयोजक आयोजन स्थल को सुरक्षित रखने का भरोसा दे रहे हैं। ऐसे में आयोजन से पहले संबंधित संस्थाओं के बीच स्थिति स्पष्ट होना जरूरी माना जा रहा है।







