डॉक्टरों के तबादलों पर हाईकोर्ट सख्त, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल.. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की याचिका पर आज होगी सुनवाई, पूर्व आदेशों के बावजूद अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पर कोर्ट करेगा विचार… रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल…

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नैनीताल। उत्तराखंड में डॉक्टरों के बड़े पैमाने पर हुए तबादलों के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर में विवाद गहराता जा रहा है। कई स्थानों पर चिकित्सकों के तबादलों का विरोध हो रहा है, जबकि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट की संस्था राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए) ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
याचिका में कहा गया है कि इससे पहले भी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाया जाए। इसके बावजूद सरकार द्वारा बड़ी संख्या में डॉक्टरों के तबादले कर दिए गए, जिससे कई अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए सरकार से जवाब मांगा है। अदालत यह भी देखेगी कि उसके पूर्व आदेशों का कितना पालन किया गया और तबादलों से आम जनता की स्वास्थ्य सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ा है।अब पूरे प्रदेश की निगाहें शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि इस मामले का असर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों के तबादला नीति पर पड़ सकता है।