नैनीताल। मानसून के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रश्मि पंत ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारियों, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों और बीपीएमयू के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सीएमओ ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं, उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं को पहले से सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. पंत ने सभी विकासखंडों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, विशेषकर हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की समयबद्ध लाइन लिस्टिंग की जाए। संभावित आपदा या सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियों को देखते हुए जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों और निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों तक समय रहते पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य तथा परिवार नियोजन सहित सभी कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में पंजीकरण, समय पर आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) एवं कैल्शियम की उपलब्धता तथा निर्धारित सभी जांचें सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मातृ स्वास्थ्य से संबंधित समस्त आंकड़े समयबद्ध तरीके से एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सीएमओ ने लक्षित लाभार्थियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और आमजन को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग की सभी टीमें समन्वय के साथ कार्य करें।
सीएमओ ने कहा कि सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाएगी और तय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमोद पंत, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. संजीव खर्कवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मदन मेहरा सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएमयू एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।







