नैनीताल। सरोवरनगरी में बुधवार को मां नंदा-सुनंदा के जयकारों और कुमाऊं की लोक संस्कृति के रंग के साथ 124वें श्री नंदा देवी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। श्री राम सेवक सभा की ओर से आयोजित महोत्सव का उद्घाटन सांसद एवं पूर्व रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने किया। इस दौरान पूरा सभा परिसर मां नंदा के जयघोष से गूंज उठा। महोत्सव 16 से 23 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन अवसर पर अजय भट्ट ने कहा कि संस्कृति समाज का आधार होती है और यह जीवन में आनंद एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने मां नंदा-सुनंदा से प्रार्थना करते हुए कहा कि सभी लोग सुखी, समृद्ध और स्वस्थ रहें।
विधायक सरिता आर्य ने कहा कि मां नंदा उत्तराखंड के कण-कण में समाई हुई हैं। नंदा देवी की आराधना प्रकृति, हिमालय की विशालता और ऊर्जा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाने का माध्यम है।उद्घाटन कार्यक्रम से पहले गोलघर से अतिथियों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। छोलिया दल की मधुर धुनों के बीच अतिथियों को चुन्नी और टोपी पहनाई गई। इसके बाद उन्हें श्री राम सेवक सभा भवन लाया गया, जहां तिलक लगाकर स्वागत किया गया। पंडित भगवती प्रसाद जोशी के मंत्रोच्चार के बीच अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की।
सभा के बाल कलाकारों ने गणेश वंदना और श्री नंदा स्तुति की मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में श्रद्धालु भी भक्ति भाव में नजर आए।
●21 पौधों की पूजा, कदली दल को सौंपे ध्वज..
महोत्सव की परंपरा के तहत यशपाल रावत की ओर से उपलब्ध कराए गए 21 पौधों की अतिथियों ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद परंपरानुसार लाल और सफेद ध्वज कदली दल को सौंपे गए। कदली दल को मंगोली गांव के लिए रवाना किया गया, जहां से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं के निर्माण के लिए कदली वृक्ष लाए जाने हैं। कदली वृक्षों को प्रतिमा निर्माण की परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।मेला अधिकारी ने श्रद्धालुओं से मेला क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखने तथा अपने आभूषणों और सामान की विशेष सुरक्षा करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को मां नंदा-सुनंदा का चित्र भेंट किया गया।
●1903 से जुड़ी है महोत्सव की परंपरा..
श्री राम सेवक सभा के अनुसार नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1903 में हुई थी। वर्ष 1926 से श्री राम सेवक सभा इस आयोजन को निरंतर आयोजित करती आ रही है। इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘संस्कार, संस्कृति एवं समृद्ध विरासत’ रखी गई है।
महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में कदली वृक्षों का नगर भ्रमण, मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमा स्थापना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 सितंबर को पारंपरिक डोला नगर भ्रमण प्रमुख हैं।
कार्यक्रम का संचालन हेमंत बिष्ट, मीनाक्षी कीर्ति, नवीन पांडे और प्रो. ललित तिवारी ने किया। महासचिव जगदीश बावरी ने अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा, दिनेश आर्य, गोपाल रावत, मनोज जोशी, हेम आर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आरडी मठपाल, सीओ अंजना नेगी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सभा पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।







