नैनीताल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर INDIA गठबंधन ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को नैनीताल में गठबंधन के नेताओं ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि वंचित वर्ग के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।गठबंधन नेताओं ने कहा कि नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक में तय छह बिंदुओं को लेकर अब जिलास्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन ने दो से आठ अक्टूबर तक देशभर में जिला मुख्यालयों पर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ और प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।
प्रेसवार्ता में नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मतदाता सूची में नाम काटे जाने और अधिकारियों को नोटिस देने की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। गठबंधन नेताओं ने इसे चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। ये आरोप गठबंधन नेताओं की ओर से लगाए गए हैं; चुनाव आयोग ने एसआइआर प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताते हुए मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों का खंडन किया है।
●कल ब्लॉक स्तर पर बैठकें, चार अक्टूबर को रामनगर में रैली..
स्थानीय नेताओं ने बताया कि आंदोलन की रणनीति को लेकर शनिवार को जिले के सभी ब्लॉकों में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके बाद चार अक्टूबर को रामनगर में बड़ी रैली और ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ प्रस्तावित है। इसमें जिले के वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है।
●दिल्ली में एक नवंबर को बड़ी रैली..
गठबंधन नेताओं के अनुसार आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ाया जाएगा। एक नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली प्रस्तावित है। इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना गठबंधन ने बनाई है। राष्ट्रीय बैठक के बाद घोषित कार्यक्रम में छह अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च का कार्यक्रम भी शामिल है।
प्रेसवार्ता में भाकपा माले नेता कैलाश जोशी और कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर गठबंधन का पक्ष रखा।







