मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘ब्रायोफिटिक फ्लोरा ऑफ गैरसैंण’ पुस्तक का लोकार्पण… गैरसैंण की दुर्लभ ब्रायोफाइट प्रजातियों पर आधारित पुस्तक शोधार्थियों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए होगी उपयोगी… रिपोर्ट- (सुनील भारती)”स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “ब्रायोफिटिक फ्लोरा ऑफ गैरसैंण, उत्तराखंड, वेस्टर्न हिमालय” पुस्तक का लोकार्पण एवं विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखकों को बधाई देते हुए कहा कि पुस्तकें ज्ञान के सृजन, संरक्षण और नई जानकारियों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम होती हैं।

यह पुस्तक कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. नेहा कोहली, महिला महाविद्यालय हल्द्वानी के प्रो. एस.डी. तिवारी, डॉ. प्राची जोशी तथा विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी द्वारा लिखी गई है। पुस्तक में ऐतिहासिक गैरसैंण क्षेत्र के ब्रायोफाइटिक फ्लोरा का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
ब्रायोफाइट्स छोटे, गैर-संवहनी पौधे होते हैं, जो मुख्य रूप से नम और छायादार स्थानों पर उगते हैं। इन्हें “पादप जगत का उभयचर” भी कहा जाता है, क्योंकि ये भूमि पर विकसित होते हैं लेकिन निषेचन के लिए जल की आवश्यकता होती है।
451 पृष्ठों की इस पुस्तक में कुल 212 ब्रायोफाइट प्रजातियों का विस्तृत अध्ययन शामिल है, जिनमें 47 लिवरवर्ट, 4 हॉर्नवर्ट और 161 मॉस प्रजातियां शामिल हैं। पुस्तक में 23 दुर्लभ एवं स्थानिक (एंडेमिक) प्रजातियों का उल्लेख किया गया है, जबकि 31 प्रजातियों के एथनिक बॉटेनिकल उपयोगों को भी रेखांकित किया गया है।पुस्तक का उद्देश्य ब्रायोफाइट प्रजातियों के संरक्षण की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करना है। यह पुस्तक योजनाकारों, शोधार्थियों, ट्रैकर्स, पर्यटकों और वन्य एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित होगी।पुस्तक का आमुख यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन प्रो. प्रदीप कुमार जोशी द्वारा लिखा गया है। पुस्तक का प्रकाशन अमेरिका के यूएसए स्थित कैस्पर, व्योमिंग की सेल पब्लिशिंग द्वारा किया गया है।
विशेष बात यह है कि पुस्तक में छह ऐसी प्रजातियों का विवरण शामिल है, जो वेस्टर्न हिमालय क्षेत्र के लिए नई हैं, जबकि एक प्रजाति ऐसी है जिसे भारत में पहली बार रिपोर्ट किया गया है।
गैरसैंण, गिरगांव, कालीमती, दिवालीखाल और भराड़ीसैंण क्षेत्रों में पाई जाने वाली इन प्रजातियों के बाहरी एवं आंतरिक लक्षणों, फोटोग्राफ और वैज्ञानिक विवरणों को रंगीन एवं ग्लॉज्ड पेपर पर आकर्षक रूप में प्रकाशित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा पुष्पगुच्छ और ओम पर्वत का चित्र भेंट किया गया।
इस अवसर पर विधायक सरिता आर्य, डॉ. भुवन आर्य, प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर, डॉ. शंकर कोरंगा, डॉ. ललित, डॉ. जितेंद्र, डॉ. मयंक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।