नैनीताल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं, लेकिन दस्तावेज सत्यापन केंद्रों पर उमड़ रही भीड़ और सीमित स्टाफ के कारण लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सत्यापन केंद्र पहुंचे वरिष्ठ नागरिक अजय लाल ने बताया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक है, लेकिन इसकी प्रक्रिया को और सरल बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुबह 11 बजे से लोग लाइन में खड़े हैं, अधिकांश वरिष्ठ नागरिक घुटनों के दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
स्टाफ कम होने और भीड़ अधिक होने से घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों ने नाश्ता और दोपहर का भोजन तक नहीं किया, फिर भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग व्यवस्था और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जानी चाहिए।
वहीं प्रोफेसर डी. एस. कार्की ने कहा कि पहले घर-घर जाकर सर्वे किया गया था और उस समय लोगों का पूरा रिकॉर्ड लिया गया था। यदि उसी दौरान प्रक्रिया पूरी कर ली जाती तो लोगों को दोबारा परेशानी नहीं उठानी पड़ती। उन्होंने बताया कि लोग दो-दो और तीन-तीन घंटे तक लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।
उन्होंने के बताया, दस्तावेजों को लेकर भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। अलग-अलग प्रकार के प्रमाण पत्र और दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ नागरिकों के पुराने दस्तावेज समय के साथ खो चुके हैं या उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मतदाता सत्यापन केंद्रों पर पहुंचे लोगों ने प्रशासन से प्रक्रिया को सरल बनाने, दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करने की मांग की है।







