ज्योलीकोट प्रकरण में शासन की बड़ी कार्रवाई, जल संस्थान व पेयजल निगम के अधिकारियों पर गिरी गाज… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर” नैनीताल..

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नैनीताल। ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल से जल जनित रोग फैलने के मामले में शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए जल संस्थान और पेयजल निगम के छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के तहत उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार को निलंबित कर मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय देहरादून से संबद्ध किया गया है। उनके स्थान पर नंद किशोर को अधीक्षण अभियंता का दायित्व सौंपा गया है।शासन की कार्रवाई की जद में उत्तराखंड जल संस्थान नैनीताल के सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत, अपर सहायक अभियंता रविंद्र, कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा और प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्या भी आए हैं। इनके अलावा पेयजल निर्माण शाखा, पेयजल निगम भीमताल के प्रभारी अधिशासी अभियंता शशिपाल सिंह को भी निलंबित किया गया है।वहीं, जल संस्थान नैनीताल के अधिशासी अभियंता अनीश एम. पिल्लई को भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने के लिए कठोर चेतावनी जारी की गई है। शासन ने संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण में जवाब तलब किया था। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से शासन को दिए गए जवाब को संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई

●दो की मौत, सैकड़ों लोग हुए बीमार..

ज्योलीकोट, बेलुवाखान समेत आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल की शिकायत के बाद बड़ी संख्या में लोग पीलिया, डायरिया और अन्य जल जनित रोगों की चपेट में आए थे। इस दौरान दो लोगों की मौत भी हुई थी। चार सौ से अधिक लोगों के बीमार होने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में शिविर लगाकर जांच और उपचार शुरू किया था।गंभीर मरीजों को हल्द्वानी के बेस अस्पताल और सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया। कई मरीजों ने निजी अस्पतालों में भी उपचार कराया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। मामले में शासन की इस कार्रवाई को पेयजल व्यवस्था में लापरवाही के प्रति सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।