बाघों की सुरक्षा का बच्चों ने लिया संकल्प, पेंटिंग और क्विज में दिखाई प्रतिभा… अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर नैनीताल प्राणी उद्यान में जागरूकता कार्यक्रम, 110 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा….. रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर ” नैनीताल…

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नैनीताल। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर मंगलवार को नैनीताल प्राणी उद्यान में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों ने वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। निदेशक प्राणी उद्यान एवं प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल वन प्रभाग आकाश गंगवार के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के 110 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पेंटिंग और क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को बाघों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास और वन्यजीवों के महत्व की जानकारी दी गई।

चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों ने बाघ और अन्य वन्यजीवों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। वहीं कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित क्विज प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न हुई। पहले चरण में लिखित वस्तुनिष्ठ परीक्षा हुई, जबकि दूसरे चरण में चयनित छह विद्यालयों के प्रतिभागियों के बीच प्रोजेक्टर स्क्रीन के माध्यम से मौखिक क्विज आयोजित की गई।

बिग कैट्स विषय पर आधारित क्विज प्रतियोगिता में मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर एवं मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। राधा चिल्ड्रन एकेडमी दूसरे तथा ऑल सेंट्स कॉलेज, नैनीताल तीसरे स्थान पर रहा।

प्रतियोगिता में शामिल बच्चों ने कहा कि यदि जंगलों की कटाई रोकी जाए और अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं तो बाघों और अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित आवास मिल सकेगा। बच्चों ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से संदेश दिया कि किसी भी वन्यजीव को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए तथा प्रकृति और जंगलों का संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है।

इसी अवसर पर सेंट मैरी कॉन्वेंट कॉलेज, रामनी के जीव विज्ञान के विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ हिमालयन बोटेनिकल गार्डन, नारायणनगर का शैक्षणिक भ्रमण किया। यहां वन क्षेत्राधिकारी आनंद लाल और बॉटनिस्ट डॉ. रजनी रावत ने विद्यार्थियों को पादप विविधता, प्राकृतिक आवास, बाघ संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।

वन क्षेत्राधिकारी आनंद लाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने का उद्देश्य बच्चों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यदि बचपन से ही बच्चों में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित की जाए तो भविष्य में संरक्षण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे। उन्होंने आमजन से भी प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने और वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।कार्यक्रम में उप निदेशक सुश्री स्वाति, वन आरक्षी जुगल किशोर, नीरज कुमार, सिस्टम एनालिस्ट आनंद सिंह, फार्मासिस्ट विक्रग सिंह गेहरा, सुश्री प्रियंका सहित प्राणी उद्यान के समस्त कर्मचारी मौजूद रहे।