मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें शिक्षण संस्थान, सभी स्कूल-कॉलेजों में नियुक्त हों मनोवैज्ञानिक काउंसलर: डीएम… रिपोर्ट- (सुनील भारती ) “स्टार खबर ” नैनीताल..

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नैनीताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय परिसर, माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में मनोवैज्ञानिक काउंसलर की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के साथ कार्य करे और सकारात्मक योगदान दे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है।डीएम ने कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों की काउंसलिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा वर्ष में कम से कम दो बार मनोवैज्ञानिक परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से समन्वय स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता से संबंधित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्वस्थ मानसिक स्वास्थ्य वाले विद्यार्थी समाज में रचनात्मकता, नवाचार और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं, इसलिए इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।बैठक में सदस्य सचिव एवं प्रभारी कुलसचिव राकेश कुमार ने जिला मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान केंद्र सरकार की ‘उम्मीद’ एवं ‘मनोदर्पण’ योजनाओं को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि मानसिक तनाव या अवसाद जैसी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्ति सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 14416 पर संपर्क कर सकते हैं।बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र, सीएमओ डॉ. रश्मि पंत, प्रो. ललित तिवारी, डॉ. चमन कुमार, आर.एस. नेगी, पुलिस उपाधीक्षक अंजना नेगी, विश्वनाथ गौतम, अनुलेखा बिष्ट, महिमा भट्ट, डॉ. संदीप, डॉ. जी.एस. धर्मशक्तू, कैलाश जोशी एवं देवेंद्र साह सहित अन्य अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भी अपने सुझाव रखे।