नैनीताल। पहाड़ की बेटियों को बेहतर शिक्षा देने के दावों के बीच राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बेतालघाट में शिक्षकों की कमी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का दावा है कि विद्यालय में 10 से 12 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। स्थिति यह है कि 11वीं और 12वीं की छात्राओं को कई विषयों के नियमित शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं। अर्धवार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं और ऐसे में छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शीघ्र शिक्षकों की तैनाती की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते रिक्त पद नहीं भरे गए तो इसका सीधा असर छात्राओं की परीक्षा तैयारी और उनके शैक्षणिक भविष्य पर पड़ेगा।
●इतिहास पढ़ने आई छात्रा, शिक्षक ही नहीं मिला..
कक्षा 11 की एक छात्रा ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसने इतिहास विषय को बेहतर तरीके से पढ़ने के लिए जीजीआइसी बेतालघाट में प्रवेश लिया था। छात्रा के अनुसार, विद्यालय में इतिहास की शिक्षिका एक दिन आईं और अगले ही दिन उनका स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से विषय पढ़ाने के लिए नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं है।
छात्रा ने कहा कि 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की जरूरत है। छोटी कक्षाओं के शिक्षकों से किसी तरह पढ़ाई कराने की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन वरिष्ठ कक्षाओं के विषयों के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। छात्रा ने सवाल उठाया कि जब उन्हें अपने विषयों की पढ़ाई के लिए शिक्षक ही नहीं मिलेंगे तो उनकी परीक्षा की तैयारी कैसे होगी।
अभिभावक संघ की अध्यक्ष जीवंती देवी ने बताया कि वह शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर दो-तीन बार बीईओ कार्यालय जा चुकी हैं और लिखित आवेदन भी दे चुकी हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद विद्यालय में रिक्त पद और बढ़ गए। उनका कहना है कि नए शिक्षक के कार्यभार ग्रहण करने तक विद्यालय से किसी शिक्षक को नहीं हटाया जाना चाहिए, क्योंकि यह बालिका विद्यालय है और यहां पढ़ने वाली छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
●प्रवक्ता के कई पद खाली, परीक्षा सिर पर..
अभिभावकों के अनुसार विद्यालय में प्रवक्ता स्तर के कई पद रिक्त हैं। वरिष्ठ कक्षाओं में विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अर्धवार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, जबकि छात्राएं कई विषयों में नियमित शिक्षण की व्यवस्था के इंतजार में हैं।
अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री से विद्यालय की स्थिति का संज्ञान लेकर रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की है।स्थानीय लोगों ने शिक्षकों की कमी को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यदि विद्यालयों में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होगी तो ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों, खासकर बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित होगी। स्थानीय लोगों ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए बार-बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने अपनी बात रखनी पड़ रही है।सुरेश चंद्र और जीवंती देवी की ओर से भेजे गए ज्ञापन में विद्यालय में रिक्त पदों को तत्काल भरने और छात्राओं की पढ़ाई सुचारु कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की गई है। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षाओं से ठीक पहले शिक्षकों की कमी दूर करना जरूरी है, ताकि छात्राओं का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।इस दौरान अंजू जलाल, शांति देवी, जानकी देवी, अनीता देवी, पूजा देवी, सावित्री देवी, मीना देवी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।







