कैंचीधाम की भीड़ ने थामी पहाड़ की रफ्तार, जाम में फंसी एंबुलेंस.. एसएसपी बोले- मंदिर तक वाहन ले जाने की जरूरत नहीं… भवाली-कैंचीधाम से गरमपानी-खैरना तक यातायात प्रभावित.. रिपोर्ट- (सुनील भारती) “स्टार खबर” नैनीताल

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नैनीताल। गांधी जयंती और लंबे वीकेंड पर कैंचीधाम व नैनीताल में उमड़ी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ ने शनिवार को पहाड़ की रफ्तार थाम दी। भवाली से कैंचीधाम की ओर वाहनों का दबाव बढ़ने से कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। इसका असर गरमपानी और खैरना तक दिखाई दिया। नैनीताल के प्रवेश मार्गों पर भी वाहन रेंगते नजर आए।

घंटों जाम में फंसे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान जाम में एंबुलेंस के फंसने से यातायात प्रबंधन की चुनौती और गंभीर हो गई।

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जाम का असर पर्यटकों और श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहा। स्थानीय लोगों, यात्रियों और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी परेशानी उठानी पड़ी।

नैनीताल में होटल और पार्किंग की समस्या के चलते कुछ पर्यटकों को बस स्टैंड में रात गुजारने की नौबत आई। वहीं, खैरना-गरमपानी क्षेत्र के व्यापारियों ने भी लगातार बढ़ते यातायात दबाव से परेशानी की बात कही।

●मंदिर तक वाहन ले जाने की जरूरत नहीं : एसएसपी..

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाबा नीब करौरी के दर्शन के लिए वाहन को मंदिर तक ले जाने की आवश्यकता नहीं है। मंदिर तक वाहनों की अनुमति नहीं है। श्रद्धालु निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा कर शटल सेवा अथवा पुलिस की ओर से तय व्यवस्था के माध्यम से कैंचीधाम पहुंचें।

उन्होंने कहा कि हर श्रद्धालु यदि अपने वाहन को मंदिर तक ले जाने का प्रयास करेगा तो यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। इसलिए बैरियर, डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करना जरूरी है।

●भीमताल, सैनिटोरियम और भवाली में रोके जा रहे वाहन..

पुलिस ने दो से चार अक्टूबर तक विशेष यातायात एवं डायवर्जन प्लान लागू किया है। भीमताल विकास भवन, सैनिटोरियम और भवाली क्षेत्र में निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहनों को रोककर शटल सेवा से श्रद्धालुओं को कैंचीधाम भेजने की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक प्रभावी रखी गई।
यातायात दबाव के अनुसार वाहनों को रोकने और रूट डायवर्ट करने की व्यवस्था की गई है। आपातकालीन सेवाओं के लिए ग्रीन कॉरिडोर का प्रावधान भी रखा गया है।

●वापसी के समय बढ़ सकता है दबाव..

एसएसपी के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती अब वापसी के यातायात को व्यवस्थित करने की है। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे के बाद नैनीताल की ओर जाने वाले यातायात को कुछ समय के लिए रोककर पहले फंसे वाहनों की निकासी कराने की व्यवस्था की गई। रविवार को लंबे वीकेंड का अंतिम दिन होने के कारण वापसी के समय यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर हाइडल तिराहा और काठगोदाम रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बैरियर लगाकर ऊपर की ओर जाने वाले यातायात को जरूरत के अनुसार नियंत्रित करने की तैयारी है।

●घंटों जाम में फंसे यात्री, छूटी ट्रेनें..

कैंचीधाम और नैनीताल की ओर उमड़ी भीड़ का असर यात्रियों की पूरी यात्रा पर पड़ा। कई यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। हल्द्वानी-काठगोदाम की ओर जाने वाले कुछ यात्रियों की ट्रेनें भी छूटने की जानकारी सामने आई। भवाली-कैंचीधाम के साथ ही नैनीताल के प्रवेश मार्गों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाना बना चुनौती
विशेष यातायात प्लान में एंबुलेंस, अग्निशमन और पुलिस वाहनों के निर्बाध संचालन के लिए विशेष कॉरिडोर का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद जाम में एंबुलेंस फंसने की स्थिति ने यातायात दबाव की गंभीरता उजागर कर दी। पुलिस ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सड़क पर वाहन खड़ा नहीं करने तथा आपातकालीन वाहनों को तत्काल रास्ता देने की अपील की है।