क्वारब भूस्खलन क्षेत्र पर मार्च 2027 तक स्थायी समाधान का दावा… हाईकोर्ट ने निस्तारित की जनहित याचिका.. रिपोर्ट- (ब्यूरो ) “स्टार खबर” नैनीताल…

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नैनीताल। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित क्वारब भूस्खलन क्षेत्र को लेकर राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में बड़ा दावा किया है। सरकार ने न्यायालय को बताया कि क्वारब में चल रहे स्थायी उपचार एवं सुरक्षा कार्यों का 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही वैकल्पिक बाईपास मार्ग पर डामरीकरण का कार्य भी जल्द पूर्ण कर यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार के इस आश्वासन पर भरोसा जताते हुए हाईकोर्ट ने मामले से संबंधित जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया है।

दरअसल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों के हजारों यात्रियों को क्वारब क्षेत्र में लगातार हो रही दिक्कतों और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए हाईकोर्ट के अधिवक्ता भुवनेश जोशी ने जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को पक्षकार बनाते हुए न्यायालय से वैज्ञानिक आधार पर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
याचिका में कहा गया था कि पिछले कई वर्षों से क्वारब क्षेत्र में भूस्खलन यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक विकट हो जाती है, जिससे मार्ग बाधित होने के साथ ही लोगों को लंबी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। याचिकाकर्ता ने रिटेनिंग वॉल, सुरक्षा उपायों और भू-वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर स्थायी उपचारात्मक कार्य कराने के निर्देश देने की मांग की थी।गौरतलब है कि अल्मोड़ा का क्वारब क्षेत्र लंबे समय से यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। यहां बार-बार होने वाले भूस्खलन और मार्ग अवरोध के कारण स्थानीय लोगों के साथ ही कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है। वहीं वैकल्पिक बाईपास मार्ग से भी समय-समय पर अव्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार द्वारा मार्च 2027 तक सभी कार्य पूर्ण कर समस्या के स्थायी समाधान का दावा किया गया है। हालांकि यह लक्ष्य तय समय में पूरा हो पाएगा या नहीं, इस पर लोगों की निगाहें बनी हुई हैं।